भारतीय बेरोजगार युवा

देश में जहा युवा रोजगार-रोजगार के लिए चिल्ला रहे हैं वही अधिकतर बेरोजगार युवाओ का हाल ऐसा है की। स्नातक, स्नातकोत्तर पढ़ाई करने के बाद भी अपना खुद का रिज्यूम(बायोडाटा) बनाने नहीं आता है।

प्रत्येक 100 युवा में 75 के पास 4G मोबाइल:- हाथ में भले ही मंहगे-मंहगे मोबाइल हो लेकिन उसमे अपनी एक भी पहचानपत्र की कॉपी नहीं रखेंगे भले ही भिन्न-भिन्न पोज़ में सेल्फी जरूर रखेंगे। वर्तमान में जिस प्रकार से तकनिको ने हमारे जीवन शैली में अत्यधिक प्रभाव डाला है वैसे हम युवा उसका सदुपयोग नहीं कर पा रहे हैं। तकनिकी उपयोग से हम बिना किसी अतिरिक्त कागजात को सँभालने के बजाए अपने मोबाइल में ही अपने महत्वपूर्ण कागजात की एक-एक छाया चित्र रख सकते हैं ताकि समय आने पर उसका उपयोग किया जा सके। लेकिन आज अधिकांश युवा केवल दिखावटी दुनिया में व्यस्त हैं।

अगर युवा सच में पढ़ रहे हैं तो उनकी पढ़ाई की स्तर कहाँ पर है यह सोचने वाली बात है।

वर्तमान में तकनिकी विज्ञान इतना ज्यादा विकास को बढ़ाया है इसके बावजूद भी आज अधिकांश युवा तकनीको का उपयोग केवल अपने शानो-शौकत के लिए ही उपयोग कर रहे हैं। अपने जानकारी को बढ़ाने के साथ-साथ बाकि सुविधाओ का उपयोग नही कर रहे हैं और ऐसा करने से वह खुद को मात्र आलस बना रहा है, जो आने वाले भविष्य के लिए बहुत ही घातक सिद्ध हो सकता है इसलिए हम सभी युवाओ को अभी से सम्भलना होगा ताकि अच्छे भविष्य का निर्माण में अपनी सहभागिता दर्ज कर सके।

बहुगुणी बनो:–  समय आ गया है खुद को समस्त क्षेत्रो के जानकर साबित करने का आज केवल किसी एक विषय-वस्तु में विशिष्ट होना ही बहुत नहीं है। आपको देश दूनिया वालो से कंधे से कंधे मिलाकर चलना है तो ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रो के जानकार बनना होगा तब ही आप जीवन की भागम भाग प्रतिष्पर्धा में भाग ले पाएंगे अन्यथा आप प्रतिष्पर्धा से कब बाहर हो गए रहोगे आपको खुद को ही पता न होगा।

पहले हम अपने अंदर की नकारात्मकता को दूर करने के लिए बूद्धिजीवियो के पास जाते थे उचित मार्गदर्शन के लिए, अपनी सोच में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए। लेकिन वर्तमान में देखा जाये तो किसी के पास इतना समय ही नहीं है की वह जीवन के बारे में किसी से सलाह ले सके। इसलिए युवाओ को चाहिए होगा की वह मनह जागरूक हों खुद को बदलाव की पटरी में लाएं। और आने वाले भारत को बेहतर भविष्य देने में अपना भागीदारी निभाएं।

इसके अलावा गैर जिम्मेदाराना हरकतों से दूर रहेँ जैसे की नशा की सेवन, वर्तमान युवा वर्ग में नशा का सेवन अत्यधिक बढ़ रहा है जो समाज के लिए बेहद नुकसान देह है। खुद को इस लायक बनाना होगा की हमे रोजगार मांगना न पड़े बल्कि रोजगार हमे बुलाएं।

और यह तब संभव होगा जब अपनी काबिलयत को उस लायक बनाएं हमे केवल नौकर बनने के लिए नहीं, बल्कि एक बेहतर युवा बनकर बेहतर समाज का निर्माण करने के लिए पढ़ना चाहिए।
धन्यवाद!!!
@ऍम बी बलवंत सिंह खन्ना 8109543000

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